सावित्रीबाई फुले की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी ने समाज सुधार की अग्रदूत को नमन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत की प्रथम महिला शिक्षिका और समाज सुधार की अग्रदूत सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि सावित्रीबाई फुले का जीवन सामाजिक समानता, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का प्रेरक उदाहरण है।

प्रधानमंत्री ने स्मरण किया कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में शिक्षा का दीप जलाया, जब समाज में महिलाओं और दलितों को पढ़ने का अधिकार तक नहीं था। अनेक सामाजिक विरोधों और कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने न केवल कन्या शिक्षा को बढ़ावा दिया, बल्कि सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध भी सशक्त आवाज उठाई। उनका संघर्ष समाज को नई दिशा देने वाला रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले का योगदान आज भी देश को समावेशी और प्रगतिशील बनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने महिलाओं, वंचितों और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वे सदैव स्मरणीय रहेंगे।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा संदेश में कहा कि सावित्रीबाई फुले का साहस, सेवा भाव और शिक्षा के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को समानता और सामाजिक न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने